10 डिसमिल से कम के मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर, भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन चिन्हित करने का भी निर्देश
रांची। जिला प्रशासन ने दाखिल-खारिज मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए 22 मार्च 2025 को सभी अंचलों में विशेष राजस्व शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने 20 मार्च को संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर निर्देश दिए।
आपत्ति रहित मामलों का त्वरित निष्पादन
इस शिविर के तहत 10 डिसमिल से कम भूमि के बिना आपत्ति वाले मामलों को 30 दिनों में और आपत्ति युक्त मामलों को 90 दिनों में निष्पादित करने पर जोर दिया जाएगा। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अवधि के दायरे में आने वाले सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
शुद्धि पत्र (करेक्शन स्लिप) होगा निर्गत
शिविर में दाखिल-खारिज के निष्पादित मामलों के आवेदकों को शुद्धि पत्र (करेक्शन स्लिप) जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया तेज होगी और आवेदकों को दस्तावेजों में त्रुटियों से राहत मिलेगी।
वरीय पदाधिकारियों की होगी विशेष तैनाती
शिविर के दौरान मामलों के प्रभावी अनुश्रवण के लिए हर अंचल में वरीय पदाधिकारी नामित किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो और आवेदकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन चिन्हित की जाए। यह कदम बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण एवं शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम पहल होगी।
प्रशासन की ओर से विशेष पहल
इस राजस्व शिविर के आयोजन से उन आवेदकों को बड़ी राहत मिलेगी जो दाखिल-खारिज प्रक्रिया में देरी की वजह से परेशानी झेल रहे थे। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिविर की सूचना व्यापक स्तर पर प्रसारित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।











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