रांची,(झारखंड)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपने आगामी महाधिवेशन की तैयारियों को गति दे दी है। हालांकि स्थान और समय का औपचारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस महाधिवेशन में पार्टी के भीतर कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। झामुमो के अध्यक्ष पद पर शिबू सोरेन की पकड़ बरकरार रहेगी, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर अपनी भूमिका जारी रखेंगे।
कल्पना सोरेन को मिल सकती है बड़ी भूमिका
महाधिवेशन में सबसे अहम चर्चा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय से झामुमो विधायक कल्पना सोरेन को लेकर है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने संकेत दिया है कि कल्पना सोरेन को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
विनोद पांडेय ने बताया कि हेमंत सोरेन के जेल में रहने के दौरान कल्पना ने पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई। स्टार प्रचारक के तौर पर उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपनी अहम भूमिका निभाई, जिससे पार्टी को दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने में मदद मिली।
कल्पना सोरेन का राजनीतिक सफर

कल्पना सोरेन का जन्म पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उनके पिता केंद्रीय सैन्य पुलिस में थे, जिसके चलते उनका बचपन देश के विभिन्न राज्यों में बीता। उन्होंने ओडिशा के मयूरभंज से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमबीए की डिग्री हासिल की।
राजनीति में कल्पना सोरेन का आगमन हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति के दौरान कार्यकर्ताओं की मांग पर हुआ। उनके नेतृत्व और मेहनत ने उन्हें पार्टी और राज्य में एक लोकप्रिय चेहरा बना दिया। जानकारों का मानना है कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता था, लेकिन परिवारवाद के आरोपों से बचने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें पार्टी संगठन में जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया।
झामुमो का महाधिवेशन: जीत का जश्न और भविष्य की रणनीति
महाधिवेशन इस बार झामुमो के लिए विशेष होगा, क्योंकि पार्टी ने इंडिया गठबंधन के तहत प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। महाधिवेशन के दौरान बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु से झामुमो के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान पार्टी की आगामी नीतियों और संगठनात्मक संरचना पर चर्चा होगी।
झामुमो का स्थापना दिवस समारोह भी महाधिवेशन से पहले 2 फरवरी को दुमका से शुरू होगा। 4 फरवरी को धनबाद और उसके बाद राज्य के अन्य जिलों में यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
परिवारवाद के आरोपों पर हेमंत सोरेन का जवाब

झामुमो में कल्पना सोरेन की बढ़ती भूमिका पर विपक्षी दलों ने परिवारवाद का आरोप लगाया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि कल्पना ने अपनी मेहनत और काबिलियत से यह मुकाम हासिल किया है। पार्टी के अंदर और बाहर उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
महाधिवेशन से उम्मीदें
महाधिवेशन के दौरान झामुमो पार्टी को संगठित करने, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय होगा, जहां पार्टी अपने विजन और योजनाओं को स्पष्ट रूप से जनता के सामने रख सके।
झामुमो के इस महाधिवेशन से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है, और सभी की नजरें कल्पना सोरेन की भूमिका पर टिकी हैं।
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