वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय वार्ता ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। दोनों नेताओं ने 2030 तक 500 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई।
व्यापार और रक्षा समझौतों पर चर्चा
व्हाइट हाउस में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका 2025 से भारत को सैन्य उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाएगा, जिसमें भविष्य में एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, भारत अधिक अमेरिकी तेल और गैस आयात करने पर सहमत हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी।
खालिस्तानी तत्वों और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि भारत और पूर्ववर्ती बाइडेन प्रशासन के संबंध तनावपूर्ण रहे थे। उन्होंने खालिस्तानी तत्वों से जुड़े मुद्दों पर भारत को पूरा समर्थन देने की बात कही और अपराधियों के प्रत्यर्पण में तेजी लाने का आश्वासन दिया।
तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण मंजूर
राष्ट्रपति ट्रंप ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी, जिसे दोनों देशों के आतंकवाद विरोधी सहयोग में बड़ी सफलता माना जा रहा है। ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ अपराध और सुरक्षा मामलों में सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं।”
एलन मस्क और विवेक रामास्वामी से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी से भी मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस मुलाकात से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
परमाणु प्रौद्योगिकी में सहयोग का वादा
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि भारत अपने कानूनों में सुधार कर अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए तैयार है। यह कदम भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायक होगा।
मोदी को मिला ट्रंप का खास तोहफा
बैठक के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी पुस्तक ‘अवर जर्नी टुगेदर’ की हस्ताक्षरित प्रति और 2020 की भारत यात्रा की एक विशेष तस्वीर भेंट की। उन्होंने मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा, “श्रीमान प्रधानमंत्री, आप महान हैं।”
भारत-अमेरिका संबंधों का नया दौर
मोदी-ट्रंप वार्ता से भारत और अमेरिका के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। यह बैठक केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करने वाली साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें आने वाले महीनों में इन समझौतों के क्रियान्वयन पर टिकी रहेंगी।
ये भी खबर पढ़ें:
ये भी खबर पढ़ें:
https://f24.in/jharkhand-assembly-budget-session
ये भी खबर पढ़ें:
https://f24.in/narendra-modi-and-donald-trumps-bilateral-meeting











Leave a Reply