नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित लीडरशिप समिट में भारत के खाद्य प्रसंस्करण मंत्री, श्री चिराग पासवान ने मुख्य भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हो रहे व्यापक सुधारों और वैश्विक सहयोग की दिशा में उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों पर प्रकाश डाला।
श्री पासवान ने बताया कि भारत किस तरह नवाचार, डिजिटल तकनीकों और निवेश के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक खाद्य उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बन रहा है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचे, अनुसंधान एवं विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती दी जा रही है।
वैश्विक निवेश को प्रोत्साहन
मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि भारत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतियां अपना रहा है। उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों को भारत में व्यापार करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार नवाचार, उत्पादन क्षमता और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
डिजिटल तकनीक से खाद्य उद्योग को भविष्य के लिए तैयार करना
चिराग पासवान ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को डिजिटल रूप से उन्नत कर रहा है। इससे उत्पादन क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक कुशल बनाया जा रहा है।
भारत-यूएई के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध
यूएई समिट में भारत की भागीदारी इस ओर संकेत करती है कि दोनों देशों के बीच खाद्य व्यापार और प्रसंस्करण क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। श्री पासवान ने कहा कि भारत और यूएई के बीच आयात-निर्यात संबंधों को और अधिक विकसित करने के लिए नई रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।
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