रांची। झारखंड में केवल हाईस्कूल शिक्षक ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा स्तर पर भी नियुक्तियों को लेकर विवाद जारी है। झारखंड एनएसयूआई के राज्य उपाध्यक्ष अमन अहमद ने रांची विश्वविद्यालय की “नीड बेस्ड सहायक प्राध्यापक” नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार को ज्ञापन सौंपा है।
झारखंड लोक सेवा आयोग के नियमों का पालन जरूरी
अमन अहमद का कहना है कि राज्य सरकार नीड बेस्ड सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति में यूजीसी के नियमों का पालन कर रही है, जबकि यूजीसी ने राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया है कि वे अपनी लोक सेवा आयोग के तहत नियुक्ति नियमावली बना सकते हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने एक नियुक्ति नियमावली तैयार कर राज्य सरकार को भेजी थी, लेकिन वर्तमान में आयोग में कई पद रिक्त होने के कारण सरकार को अनुबंध आधारित नियुक्तियाँ करनी पड़ रही हैं।
राज्य सरकार पर दबाव, स्थायी नियुक्ति की माँग
राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्थायी सहायक प्राध्यापक नियुक्ति की माँग जोर पकड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द झारखंड लोक सेवा आयोग में स्थायी पदाधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालयों में योग्यता आधारित और स्थायी नियुक्तियाँ हो सकें।
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